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100 साल पुरानी इस कुटिया में कोई नहीं गुजार सकता रात...जानें क्यों?

नागौर के रायधनु गांव में पहाड़ी पर 100 वर्ष पुरानी एक संत की झोपड़ी बनी हुई है. 

जिसमें कोई भी व्यक्ति रात नहीं रुक सकता ना कोई संत वहां तपस्या कर सकता है.

व्यक्ति रुकने की कोशिश करता है तो वहां पर रुक नहीं पाता है.

रायधनु गांव में जन्म लेने वाले संत सांवतसिंह ने इस पहाड़ी पर तपस्या की.

गाँव वालों के लिए यह आस्था का केन्द्र बन गया और यहां पर सभी परिक्रमा देने आते हैं.

ग्रामीणों ने बताया कि यहां पर पशुओं के लिए संत की पूजा की जाती है.

साथ ही पशुओं को कोई भी बीमारी हो तो संत के नाम का धागा बांधा जाता है.

साल में एक बार इनकी झोपड़ी का पुननिर्माण नहीं किया जाए तो यहां अच्छी बारिश नहीं होती.

इसलिए साल में एक बार मिलकर इनकी कुटिया का पुन: निर्माण करते है.

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